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गुरु को भगवान क्यों मानना चाहिए

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गुरु को भगवान इस लिए मानना चाहिए कि क्योंकि परमात्मा ही तत्व ज्ञान कराने के लिए सच्चेगरू का रूप धारण करके अपने परमधाम जिसे अमरलों भी कहते है जिसका वास्तविक नाम सतलोक है जहां से आते है जहां जाने के बाद जन्म मृत्यु नहीं होती है। वहां से चलकर परमात्मा स्वयं आते हैं और  पूर्ण गुरु तत्वदर्शी संत का  रोल कर अपने पुण्य आत्माओं को तत्वज्ञान कराते हैंऔर सत भक्ति देकर मोक्ष कराते है। क्योंकि आध्यात्मिक ज्ञान को बताना हम जीव की बस की बात नहीं है उसके लिए अध्यात्मिक टीचर की आवश्यकता होती है क्योंकि वेद शास्त्र हमारे आध्यात्मिक ज्ञान का सिलेबस है इसको परमात्मा ही खोल कर बता सकता है। इसलिए पूर्ण गुरु का रूप धारण करके स्वयं परमात्मा आते हैं। इसलिए गुरु को परमात्मा के समान माना गया है।   💫यदि स्वयं परमात्मा और गुरु हमारे सामने आकर खड़े हो जाए तो हमें पहले किस को प्रणाम अथवा दंडवत प्रणाम करनी चाहिए??? इसका उत्तर....  परमात्मा की वाणी है कि.... गुरु गोविंद दोनों,खड़े किसके लागू पाउ। बलिहारी गुरु,आपने गोविंद दियो बताए।। यदि हमारे सामने परमात्मा और पूर्ण गुरु आकर खड़ा हो जाए तो ...